🏰 राजस्थान के अन्य राजवंश — Master Revision Handbook
जैसलमेर (भाटी) · करौली (जादौन) · भरतपुर (जाट) · टोंक (पिण्डारी) | कवर किए गए Quiz: 3 (स्कोर: 14/30, 15/19, तीसरा भाग जारी) + PYQ संग्रह
🚨 MY EXAM TRAPS & CONFUSIONS (सर्वोच्च प्राथमिकता)
| गलत सोच | सही अवधारणा | गलती का कारण | याद रखने की ट्रिक |
| वागड़ परमार राजधानी को "उत्थूणक" समझना | अर्थूणा (बांसवाड़ा) ही मानक उत्तर — उत्थूणक इसका प्राचीन नाम/रूप है | दो नाम एक ही स्थान के लिए स्रोतों में अलग-अलग मिलना | 👉 वागड़ = अर्थूणा = बांसवाड़ा |
| करौली राजधानी में विजयपाल का नाम | करौली राजधानी धर्मपाल (द्वितीय) ने 1650 ई. में बनाई; विजयपाल ने तो बयाना को राजधानी बनाया था | संस्थापक और राजधानी-निर्माता को गड्डमड्ड करना | विजयपाल→स्थापना/बयाना, अर्जुनपाल→कल्याणपुर, धर्मपाल→करौली राजधानी |
| टोंक नवाब मान्यता वर्ष 1818 | सही वर्ष 1817 ई. | करौली संधि वर्ष (1817) व जैसलमेर संधि वर्ष (1818) का मिश्रण | करौली व टोंक = 1817, जैसलमेर व भरतपुर(रणधीरसिंह) = 1818 |
| सूरजमल को भरतपुर जाट रियासत का "संस्थापक" मानना | सूरजमल ने भरतपुर शहर बसाया व राजधानी बनाई; रियासत/जाट-राज्य का वास्तविक संस्थापक चूड़ामन (स्वतंत्र राज्य) व बदनसिंह (वास्तविक संस्थापक की उपाधि) है | "संस्थापक" शब्द के तीन अलग सन्दर्भ (विद्रोह-नेतृत्व/राज्य-स्थापना/शहर-स्थापना) | 🧠 राजाराम(विद्रोह)→चूड़ामन(स्वतंत्र राज्य,थूण)→बदनसिंह(वास्तविक संस्थापक,डीग)→सूरजमल(भरतपुर शहर) |
| स्वर्णगिरि किला मूलराज प्रथम ने पूर्ण करवाया | निर्माण प्रारम्भ रावल जैसल ने किया, पूर्ण शालिवाहन द्वितीय (जैसल के पुत्र) ने करवाया | मूलराज प्रथम को जैसल का उत्तराधिकारी होने से भ्रम | जैसल शुरू → शालिवाहन द्वितीय पूर्ण (मूलराज प्रथम नहीं) |
| 1550 ई. का अर्द्ध साका — "जौहर व केसरिया दोनों हुए" समझना | केवल केसरिया हुआ, जौहर नहीं हुआ — इसीलिए इसे अर्द्ध/आधा साका कहा गया | पूर्ण साके (1296, 1352) की तरह मान लेना | 1296(1st)+1352(2nd)=पूर्ण साका; 1550(3rd)=अर्द्ध साका(केवल केसरिया) |
| "यादव राजवंश" प्रश्न में भाटी को उत्तर मान लेना | प्रश्न के शब्दों पर ध्यान दें — भाटी स्वयं को यादव मानते हैं (सामान्य पहचान), पर "राजस्थान में यादव राजवंश कहाँ शासन करता था" जैसे प्रश्न में उत्तर करौली होता है, जबकि "यादव वंश से सम्बन्धित शासक" पूछने पर भाटी सही उत्तर बनता है | प्रश्न की शब्दावली (राजवंश बनाम पहचान) पर ध्यान न देना | ⚠ प्रश्न ध्यान से पढ़ें: "यादव राजवंश शासन"→करौली; "यादव वंश से सम्बन्धित"→भाटी |
| वरीक (वारिक) वंश का क्षेत्र अलवर/अजमेर समझना | सही उत्तर बयाना (संस्थापक विजयपाल — वरीक वंश का, कच्छवाहा वाले विजयपाल से अलग) | बयाना नाम बार-बार करौली-यादव प्रसंग में भी आता है, जिससे भ्रम | बयाना दो बार आता है: करौली-यादव (विजयपाल, यादव) और वरीक वंश दोनों में — प्रश्न का वंश-संदर्भ देखें |
🎯 HIGH PRIORITY WEAK AREAS
| टॉपिक | स्तर | आधार |
| भरतपुर जाट वंश क्रम (राजाराम→चूड़ामन→बदनसिंह→सूरजमल→जवाहरसिंह→रणजीतसिंह→रणधीरसिंह) | 🔴 अति कमजोर | Quiz 1 व 2 दोनों में संस्थापक-सम्बन्धी गलती दोहराई गई |
| जैसलमेर भाटी वंश — राजधानियों का क्रम व साके | 🔴 अति कमजोर | स्वर्णगिरि किला-निर्माता व साका-वर्ष में बार-बार गलती |
| छोटे राजवंश (वरीक, वागड़ परमार, आबू परमार) | 🟠 कमजोर | Quiz 1 में 14/30 स्कोर — इसी सेक्शन से अधिकतर गलतियाँ |
| टोंक नवाब वंश (अमीर खाँ) | 🟠 कमजोर | वर्ष (1817) को लेकर बार-बार ट्रैप |
| करौली जादौन वंश क्रम | 🟡 मध्यम | Quiz 2 में सुधार (15/19) — पर संस्थापक/राजधानी भ्रम अभी बाकी |
| उपाधियाँ (वाकपति, कविवृष, प्लेटो, अफलातून, ब्रजराज) | 🟡 मध्यम | Quiz 2 में सही किए गए, पर दोहराव जरूरी |
⭐ HIGH-YIELD EXAM FACTS — विषयवार
1️⃣ जैसलमेर (भाटी वंश)
| शासक | मुख्य कार्य |
| भट्टी | 285 ई. में भटनेर राजधानी (आदि पुरुष) |
| मंगलराव | गजनी के डुण्डी से पराजित → तनोट को राजधानी बनाया |
| देवराज | परमारों को हराकर लोद्रवा राजधानी बनाई (मूमल-महेन्द्र प्रेम कथा से जुड़ा) |
| रावल जैसल | 1155 ई. में जैसलमेर बसाया; स्वर्णगिरि (सोनार) किले का निर्माण प्रारम्भ किया (चूने का प्रयोग नहीं, पत्थर पर पत्थर) |
| शालिवाहन द्वितीय | स्वर्णगिरि किला पूर्ण करवाया |
| मूलराज प्रथम | अलाउद्दीन खिलजी आक्रमण (1296-1316) → प्रथम साका |
| दुर्जनसाल/दूदा | फिरोजशाह तुगलक आक्रमण (1352) → द्वितीय साका |
| लूणकरण | पुत्री ऊमादे (रूठी रानी) राव मालदेव को ब्याही; 1550 अमीर अली आक्रमण → अर्द्ध साका (केवल केसरिया, जौहर नहीं) |
| हरराय | 1570 ई. नागौर दरबार में अकबर की अधीनता, वैवाहिक सम्बन्ध |
| अमरसिंह | 'अमरप्रकाश' नाला (सिन्धु जल हेतु) |
| अखैसिंह | अखैशाही मुद्रा व नए बाँट; कर-प्रणाली नियमन का श्रेय |
| मूलराज द्वितीय | 12 दिसम्बर 1818 अंग्रेजों से अधीनस्थ संधि |
| गजसिंह | अफगान युद्ध (1878) में अंग्रेजों की सहायता |
| जवाहर सिंह | आधुनिक जैसलमेर निर्माता; विण्डम पुस्तकालय; सागरमल गोपा शहादत (4 अप्रैल 1946); जोधपुर के हनुवंतसिंह संग पाकिस्तान-विलय प्रयास; अंतिम भाटी शासक |
राजधानी क्रम टाइमलाइन:
- भटनेर (285 ई., भट्टी)
- तनोट (मंगलराव)
- लोद्रवा (देवराज)
- जैसलमेर (1155 ई., रावल जैसल)
🧠 मेमोरी ट्रिक: "भ-त-लो-जै" (भटनेर-तनोट-लोद्रवा-जैसलमेर)
सागरमल गोपा की पुस्तकें: जैसलमेर का गुंडाराज, आजादी के दीवाने, रघुनाथ सिंह का मुकदमा। मृत्यु-जाँच हेतु 'गोपाल स्वरूप पाठक आयोग' — निष्कर्ष: आत्महत्या।
2️⃣ करौली (जादौन/यादव वंश)
| शासक | मुख्य कार्य |
| विजयपाल | 1040 ई. यादव राजवंश की स्थापना; मथुरा यादव वंश से सम्बन्धित; बयाना राजधानी बनाई; विजयमन्दिरगढ़ किला (बयाना) |
| अर्जुनपाल | 1348 ई. कल्याणपुर (वर्तमान करौली) नगर स्थापना |
| धर्मपाल (द्वितीय) | 1650 ई. करौली को राजधानी बनाया |
| गोपालपाल | करौली में मदनमोहन मन्दिर (गौड़ीय सम्प्रदाय) |
| हरबक्श पाल | 9 नवम्बर 1817 अंग्रेजों से संधि — राजस्थान की प्रथम रियासत जिसने अधीनस्थ संधि की |
| मदनपाल | 1857 क्रांति में कोटा राजा रामसिंह-II की सहायता; अंग्रेजों से 17 तोपों की सलामी; स्वामी दयानन्द सरस्वती की करौली यात्रा (1865, राजस्थान में प्रथम बार) |
3️⃣ भरतपुर (जाट वंश)
| शासक/चरण | मुख्य कार्य |
| गोकुल | 1669 ई. औरंगजेब के विरुद्ध विद्रोह (मथुरा क्षेत्र); औरंगजेब ने दबाया; 1670 गोकुल की हत्या |
| राजाराम जाट (सिनसिनी) | 1685 विद्रोह नेतृत्व; 1687 सिकन्दरा (अकबर मकबरा) लूटा व अस्थियाँ जलाईं; 1688 हत्या |
| चूड़ामन | 1688 के बाद कमान; स्वतंत्र जाट राज्य की स्थापना; थूण राजधानी व किला-निर्माण; फर्रुखसियर से 'राव बहादुर' उपाधि; 1721 मुगलों द्वारा हत्या |
| बदनसिंह | सवाई जयसिंह की सहायता से 1722 ई. शासक बना; 'ब्रजराज' उपाधि व डीग जागीर (सवाई जयसिंह से); मोहम्मदशाह से 'राजा' उपाधि; भरतपुर जाट राज्य का वास्तविक संस्थापक; डीग किला व डीग को राजधानी बनाया; डीग जलमहलों का निर्माण प्रारम्भ |
| सूरजमल (1756-63) | 'जाटों का अफलातून/प्लेटो'; लोहागढ़ दुर्ग निर्माण (1733-1741); डीग जलमहल पूर्ण; भरतपुर शहर बसाया व राजधानी बनाई; दिल्ली से नूरजहाँ का झूला लाकर डीग महल में लगवाया; पानीपत तृतीय युद्ध के भागते मराठों को शरण; प्रशासनिक/आर्थिक सुधार; वार्षिक आय 17.5 लाख रु. |
| जवाहरसिंह | दिल्ली से अष्टधातु दरवाजे (मूलतः चित्तौड़ किले के) लाकर भरतपुर किले में लगवाए; जवाहर बुर्ज निर्माण (राजतिलक स्थल) |
| रणजीतसिंह | सितम्बर 1803 अंग्रेजों से राजपूताने की प्रथम मैत्री संधि (दूसरी: दिसम्बर 1803, अलवर); जसवन्तराव होल्कर को शरण → लॉर्ड लेक के 5 आक्रमण विफल → किले का नाम लोहागढ़; फतेह बुर्ज निर्माण |
| रणधीरसिंह | 1818 ई. अंग्रेजों से अधीनस्थ संधि |
🧠 भरतपुर जाट क्रम याद रखें: गोकुल(विद्रोह शुरू)→राजाराम(नेतृत्व, अकबर मकबरा)→चूड़ामन(स्वतंत्र राज्य,थूण)→बदनसिंह(वास्तविक संस्थापक,डीग)→सूरजमल(भरतपुर शहर,लोहागढ़)→जवाहरसिंह(जवाहर बुर्ज)→रणजीतसिंह(1803 संधि,लोहागढ़ नाम,फतेह बुर्ज)→रणधीरसिंह(1818 संधि)
4️⃣ टोंक (अफगान/पिण्डारी मुस्लिम रियासत)
- टोंक — राजस्थान की एकमात्र मुस्लिम रियासत; बनास नदी किनारे बसा।
- संस्थापक: अमीर खाँ पिण्डारी (मोहम्मद अमीर खाँ, पश्तून मूल, 1746-1834); बसाया वर्ष: 1817 के आसपास।
- अंग्रेजों ने 1817 ई. में अमीर खाँ को टोंक का नवाब स्वीकार किया।
- 1936 में हैजा फैलने पर घर-घर दवा बंटवाई — नवाब मोहम्मद सआदत अली खाँ।
- बहादुर शाह ज़फ़र की सहायता हेतु दिल्ली सेना टोंक रियासत ने भेजी।
5️⃣ छोटे/अन्य राजवंश (High-Trap Zone)
| वंश | प्रमुख तथ्य |
| परमार (मालवा शाखा) | मुंज = वाकपति मुंज / कविवृष (कविवर्ष) उपाधि |
| परमार (आबू शाखा) | संस्थापक/मूल पुरुष: धूमराज |
| परमार (वागड़ शाखा) | राजधानी: अर्थूणा (बांसवाड़ा जिला); प्राचीन नाम/रूप — उत्थूणक |
| वरीक/वारिक वंश | क्षेत्र: बयाना; संस्थापक: विजयपाल (यादव वंश वाले विजयपाल से भिन्न व्यक्ति) |
| चावड़ वंश | सबसे प्राचीन राज्य: भीनमाल |
| शेखावत (कच्छवाहा शाखा) | खेतड़ी सिंह → शेखावत; राजा बहादुर सिंह शेखावत → खंडेला के राजा |
| झुंझुनू (कायमखानी मुस्लिम राज्य) | संस्थापक: मोहम्मद खाँ (कायमखाँ का पुत्र) |
| अलवर | जयसिंह ने पंडित हरिनारायण शर्मा को सलाहकार बनाया |
| खेतड़ी (शेखावत) | महाराजा अजीत सिंह ने नरेंद्रनाथ दत्त को 'विवेकानंद' नाम दिया |
| गीगा देवी | परमार राजा धारावर्ष की रानी |
📊 DIFFERENCE / COMPARISON TABLES
राजवंश vs संस्थापक (PYQ Match-the-Following — Junior Instructor Wireman 2024)
| राजवंश | संस्थापक |
| राठौड़ (मारवाड़) | सिहा |
| चौहान (अजमेर) | वासुदेव |
| जाट (भरतपुर) | चूड़ामन |
| कच्छवाहा (जयपुर) | दुलहराय |
🧠 मेमोरी ट्रिक: "सि-वा-चू-दु" (सिहा-वासुदेव-चूड़ामन-दुलहराय)
यदुवंश की दो शाखाएँ — भाटी vs जादौन
| बिंदु | भाटी (जैसलमेर) | जादौन (करौली) |
| उपाधि | उत्तर भड़ किवाड़; छत्राला यादवपति | — |
| प्रथम राजधानी | भटनेर (285 ई.) | बयाना (विजयपाल) |
| अंतिम/स्थायी राजधानी | जैसलमेर (1155 ई.) | करौली (1650 ई., धर्मपाल द्वितीय) |
| अंग्रेजों से अधीनस्थ संधि | 12 दिसम्बर 1818 | 9 नवम्बर 1817 (राजस्थान में प्रथम) |
| अंतिम शासक | जवाहर सिंह | — |
साका तुलना — जैसलमेर
| साका | वर्ष | आक्रमणकारी | शासक | प्रकार |
| प्रथम साका | 1296-1316 (अलाउद्दीन खिलजी काल) | अलाउद्दीन खिलजी | मूलराज प्रथम | पूर्ण साका |
| द्वितीय साका | 1352 | फिरोजशाह तुगलक | दुर्जनसाल/दूदा | पूर्ण साका |
| तृतीय साका (अर्द्ध) | 1550 | अमीर अली | लूणकरण | केवल केसरिया, जौहर नहीं |
🧠 MEMORY TRICKS & MNEMONICS (संकलित)
- वाकपति/कविवृष = मुंज
- धूम मची → धूमराज → आबू परमार
- वागड़ = अर्थूणा = बांसवाड़ा
- खेतड़ी = शेखावाटी = शेखावत
- भ-त-लो-जै = भटनेर-तनोट-लोद्रवा-जैसलमेर
- सि-वा-चू-दु = सिहा-वासुदेव-चूड़ामन-दुलहराय
- करौली व टोंक = 1817; जैसलमेर व रणधीरसिंह(भरतपुर) = 1818
- सूरजमल = अफलातून/प्लेटो/भरतपुर शहर (रियासत-संस्थापक नहीं!)
⭐ PYQ FAVOURITE (वास्तविक परीक्षाओं में पूछे गए)
| तथ्य | महत्व | परीक्षा स्रोत |
| राजस्थान में गुहिला, गहलौत, परमार, सिनसिनवार — हरिहर नहीं (हरिहर = विजयनगर संस्थापक) | ⭐⭐⭐ | Stenographer Exam 2024 (Paper-I) |
| सूरजमल ने भरतपुर शहर बसाया (मेवाड़/जोधपुर/उदयपुर नहीं) | ⭐⭐⭐ | Animal Attendant 2023 (Dec 1, Shift I) |
| भरतपुर जाट रियासत संस्थापक: चूड़ामन (सूरजमल/बदनसिंह/राजाराम नहीं) | ⭐⭐⭐ | Animal Attendant 2023 (Dec 3, Shift II) |
| भाटी वंश के अंतिम शासक: जवाहर सिंह | ⭐⭐⭐ | Rajasthan Patwar Exam 2025 (1st Shift) |
| आबू परमार संस्थापक: धूमराज | ⭐⭐⭐ | Rajasthan Patwar Exam 2025 (1st Shift) |
| सूरजमल: बदनसिंह के पुत्र-उत्तराधिकारी, भरतपुर किला बनाकर राजधानी बनाई — दोनों कथन सही | ⭐⭐⭐ | Raj Police Constable (Telecom) 2025 |
| राठौड़-सिहा, चौहान-वासुदेव, जाट-चूड़ामन, कच्छवाहा-दुलहराय (मिलान) | ⭐⭐⭐ | Junior Instructor (Wireman) 2024 |
| जैसलमेर स्थापना-पूर्व भाटी राजधानी: लोद्रवा/लुद्रवा | ⭐⭐⭐ | Sub Inspector Comb. Comp. Exam 2025 (6 April 2026) |
⚠ FREQUENTLY CONFUSED FACTS
- ⚠ धूमराज — आबू परमार का संस्थापक/मूल पुरुष (2 अलग शब्दावली, एक ही उत्तर)
- ⚠ सूरजमल — भरतपुर शहर व राजधानी बनाई, पर जाट रियासत का संस्थापक चूड़ामन है
- ⚠ हरराय vs अमरसिंह — अकबर की अधीनता व वैवाहिक सम्बन्ध हरराय ने किए (1570), अमरसिंह ने नहीं
- ⚠ 1817 vs 1818 — करौली/टोंक(1817) बनाम जैसलमेर/रणधीरसिंह-भरतपुर(1818)
- ⚠ भाटी = यादव पहचान से पर "यादव राजवंश शासन" प्रश्न में उत्तर करौली
🚨 ANSWER KEY BUGS / SOURCE CONFLICTS
🚨 वागड़ परमारों की राजधानी को कहीं "उत्थूणक" व कहीं "अर्थूणा" बताया गया है। अधिकांश मानक राजस्थान GK स्रोतों व परीक्षा उत्तर-कुंजियों में "अर्थूणा (बांसवाड़ा)" ही मानक/सुरक्षित उत्तर है — उत्थूणक को इसका प्राचीन नाम/रूप माना जाता है। परीक्षा में "अर्थूणा" विकल्प को प्राथमिकता दें।
📅 IMPORTANT DATES / TIMELINE
| वर्ष | घटना |
| 285 ई. | भट्टी द्वारा भटनेर राजधानी |
| 1040 ई. | विजयपाल द्वारा करौली यादव वंश स्थापना (राजधानी बयाना) |
| 1155 ई. | रावल जैसल द्वारा जैसलमेर स्थापना |
| 1296-1316 ई. | अलाउद्दीन खिलजी आक्रमण — जैसलमेर प्रथम साका |
| 1348 ई. | अर्जुनपाल द्वारा कल्याणपुर (करौली) नगर स्थापना |
| 1352 ई. | फिरोजशाह तुगलक आक्रमण — जैसलमेर द्वितीय साका |
| 1550 ई. | अमीर अली आक्रमण — जैसलमेर अर्द्ध साका |
| 1570 ई. | रावल हरराय — अकबर की अधीनता (नागौर दरबार) |
| 1650 ई. | धर्मपाल (द्वितीय) — करौली राजधानी |
| 1669 ई. | गोकुल का औरंगजेब विरुद्ध विद्रोह |
| 1685-88 ई. | राजाराम जाट नेतृत्व; 1687 सिकन्दरा लूट; 1688 हत्या |
| 1688 ई. के बाद | चूड़ामन — स्वतंत्र जाट राज्य, थूण राजधानी |
| 1721 ई. | मुगलों द्वारा चूड़ामन की हत्या |
| 1722 ई. | बदनसिंह जाट शासक (सवाई जयसिंह सहयोग) |
| 1733-1741 ई. | सूरजमल — लोहागढ़ दुर्ग निर्माण |
| 1756-63 ई. | सूरजमल का शासनकाल |
| 9 नवम्बर 1817 ई. | करौली — अंग्रेजों से प्रथम अधीनस्थ संधि (राजस्थान में प्रथम रियासत) |
| 1817 ई. | अमीर खाँ — टोंक के नवाब के रूप में अंग्रेजी मान्यता |
| सितम्बर 1803 ई. | रणजीतसिंह (भरतपुर) — राजपूताने की प्रथम मैत्री संधि |
| 12 दिसम्बर 1818 ई. | मूलराज द्वितीय (जैसलमेर) — अधीनस्थ संधि |
| 1818 ई. | रणधीरसिंह (भरतपुर) — अधीनस्थ संधि |
| 1857 ई. | मदनपाल (करौली) — कोटा राजा रामसिंह-II की सहायता |
| 1865 ई. | स्वामी दयानन्द सरस्वती की करौली यात्रा (राजस्थान में प्रथम) |
| 1878 ई. | महारावल गजसिंह — अफगान युद्ध में अंग्रेज सहायता |
| 1936 ई. | टोंक में हैजा — नवाब सआदत अली खाँ द्वारा दवा वितरण |
| 4 अप्रैल 1946 | सागरमल गोपा को जीवित जला दिया गया (जवाहर सिंह के समय) |
🎯 LAST-MINUTE REVISION — Top 20 One-Liners
- भटनेर → भट्टी (285 ई.)
- तनोट → मंगलराव
- लोद्रवा → देवराज
- जैसलमेर स्थापना → रावल जैसल (1155)
- स्वर्णगिरि पूर्ण → शालिवाहन द्वितीय
- अर्द्ध साका → लूणकरण/अमीर अली/1550/केवल केसरिया
- अकबर अधीनता (जैसलमेर) → हरराय (1570)
- अंतिम भाटी शासक → जवाहर सिंह
- करौली यादव स्थापना → विजयपाल (1040, बयाना राजधानी)
- करौली राजधानी → धर्मपाल द्वितीय (1650)
- करौली प्रथम संधि → हरबक्श पाल (1817, राजस्थान में प्रथम)
- भरतपुर जाट रियासत संस्थापक → चूड़ामन (थूण)
- भरतपुर वास्तविक संस्थापक (उपाधि) → बदनसिंह (ब्रजराज, डीग)
- भरतपुर शहर व लोहागढ़ → सूरजमल (जाटों का प्लेटो/अफलातून)
- राजपूताने की प्रथम मैत्री संधि → रणजीतसिंह भरतपुर (1803)
- लोहागढ़ नाम क्यों → लॉर्ड लेक के 5 आक्रमण विफल
- टोंक संस्थापक → अमीर खाँ पिण्डारी (1817 मान्यता)
- आबू परमार संस्थापक → धूमराज
- वागड़ परमार राजधानी → अर्थूणा (बांसवाड़ा)
- वरीक वंश क्षेत्र → बयाना
📚 QUIZ प्रदर्शन ट्रैकिंग
| Quiz | स्कोर | मुख्य कमजोरी |
| Quiz 1 | 14/30 | छोटे राजवंश (परमार, वरीक, वागड़, भाटी) में भारी गलतियाँ |
| Quiz 2 | 15/19 | सुधार हुआ; जाट/भाटी संस्थापक भ्रम अभी भी कमजोर बिंदु |
| Quiz 3 (Part 1) | 10 प्रश्न प्रस्तुत किए गए — उत्तर लंबित (अभी जमा नहीं हुए) | इस भाग की जाँच के बाद अगला अपडेट यहाँ जुड़ेगा |
नोट: Quiz 3 Part-1 के 10 प्रश्नों के उत्तर जमा होने के बाद स्कोर, गलती-विश्लेषण व नई ट्रैप-एंट्रीज़ इसी हैंडबुक में मर्ज कर दी जाएँगी — नया दस्तावेज़ नहीं बनेगा।