राजस्थान की सामाजिक/सांस्कृतिक स्थिति — आभूषण एवं वेशभूषा
Master Revision Handbook | Quiz 1–11 Consolidated | 300+ Questions Analysed | Score Trend: 15→22 औसतन ~65%
📑 Sections:
🚨 Exam Traps | 🎯 Weak Areas | ⭐ High-Yield Facts (अंगवार तालिका) | 📊 Difference Tables |
🧠 Mnemonics | ⭐⭐ PYQ Favourites | ⚠ Confused Facts | 📚 Topic-wise (पगड़ी/ओढ़नी/वस्त्र/आदिवासी) | ⚡ Rapid Revision
🚨 MY EXAM TRAPS & CONFUSIONS (सबसे ज्यादा गलतियाँ)
| गलत सोच (Trap) | सही उत्तर | Memory Trigger |
| पोमचा को पगड़ी समझना | पोमचा = ओढ़नी (शिशु जन्म पर) | पोमचा = "पोत" जैसा लगे पर ये कपड़ा है |
| दामणा को पैर/नाक/गले का आभूषण मानना | दामणा = उँगली (सबसे ज्यादा दोहराया, 8 बार) | "दा-मणी उँगली में चमके" |
| चूंप और राखन को एक समझना | चूंप = दांतों के बीच सोने की कील | राखन = दांतों पर सोने की परत | चूंप=कील (चुभे), राखन=परत (रखी हुई) |
| कंदोरा को नाक/बाजू/कान समझना | कंदोरा = कमर (7 बार दोहराया) | कं-द-रो = कमरबंद जैसा लगता है |
| तिमणिया/मादलिया/तुलसी/हालरो/चंपाकली/हंसली/हामेल/खूंगाली को अलग-अलग जगह मानना | ये सभी गले/वक्ष के आभूषण हैं | "गले की पूरी टोली": तिमणिया-मादलिया-तुलसी-हालरो-चंपाकली |
| सुरलिया/मुरकी/झेला/पीपलपत्रा/ओगनिया/अंगोट्या/टोटी/गुड़दा/कोकरू को गला/नाक समझना | ये सभी कान के आभूषण हैं | "कान की टोली": सुर-मुर-झे-पीप-ओग-अंगो-टोटी |
| बोरला/मेमंद/रखड़ी/शीशफूल/सुमंग/टीका को कमर/गला समझना | ये सभी सिर के आभूषण हैं (क्रम: शीशफूल→सुमंग→टीका) | "सिर पर बोर-मेमंद-रखड़ी बंधे" |
| गोखरू को कमर/गला समझना | गोखरू = कलाई/हाथ | "गोखरू घिसे कलाई पे" |
| नेवरी/झांझर/रामझोल/लंगर/नूपुर को हाथ/कमर समझना | ये सभी पैर के आभूषण हैं | "पैरों की टोली": नेवरी-झांझर-रामझोल-लंगर-नूपुर |
| बेसर/भंवरकड़ी/बुलाक/चूनी/बारी/निबोरी को कान/गला समझना | ये सभी नाक के आभूषण हैं | "नाक पे बे-भं-बु-चू-बा-नि" |
| पछेवड़ा को आभूषण/पगड़ी समझना | पछेवड़ा = मोटी सूती शॉल (परिधान) — हाल के PYQ में "स्त्री परिधान" उत्तर अधिक स्वीकृत | पछेवड़ा = "पहनने वाला पछेती चादर" |
| दशहरा/श्रावण/विवाह/दीपावली/होली की पगड़ी में गड़बड़ाना | विवाह=मोठड़ा | श्रावण/तीज=लहरिया | दशहरा=मदील | दीपावली=केसरिया | होली=फूल-पत्ती छपाई | "मो-ला-म-के-फू" क्रम से याद रखें |
| कान्था को राजस्थानी वस्त्र समझना | कांथा = बंगाल की कढ़ाई कला (राजस्थान से संबंधित नहीं) | कांथा-कोलकाता |
| अंगोट्या-अंगोटिया को हाथ का आभूषण समझना | कान का आभूषण है | - |
🎯 HIGH PRIORITY WEAK AREAS
| Priority | Topic | कारण |
| 🔴 अति कमजोर | गला बनाम कान के आभूषणों में भ्रम | सबसे ज्यादा दोहराए गए trap questions इसी में |
| 🔴 अति कमजोर | Matching/सुमेलन प्रश्न (आभूषण↔अंग) | RSMSSB/RPSC का पसंदीदा पैटर्न, हर quiz में आया |
| 🟠 कमजोर | पगड़ी के प्रकार व अवसर | नाम मिलते-जुलते (मदील/मीठड़ी/मोठड़ा) |
| 🟠 कमजोर | सिर बनाम कमर के आभूषण | बोरला/मेमंद/रखड़ी vs कंदोरा/तगड़ी में गड़बड़ी |
| 🟡 मध्यम | आदिवासी वेशभूषा (भील/सहरिया) | कम बार आया पर PYQ में मौजूद |
| 🟡 मध्यम | पैर बनाम उँगली के आभूषण | नेवरी/रामझोल/दामणा/अणवट में confusion |
| 🟢 ठीक | साड़ी/ओढ़नी के नाम | स्कोर सुधरा है (चोल, निचोल, पट, दुकूल आदि) |
⭐ HIGH-YIELD EXAM FACTS — अंगवार आभूषण तालिका (सबसे महत्वपूर्ण सेक्शन)
1️⃣ सिर / माथा (Highly Repeated ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐)
| आभूषण | नोट |
| बोरला / बोर | मांग के बीच, विवाहित महिलाएँ — 7 बार दोहराया |
| मेमंद | 5 बार दोहराया |
| रखड़ी, शीशफूल, टिकड़ा | सिर के मुख्य आभूषण (सही सेट: बोर+शीशफूल+रखड़ी+टिकड़ा) |
| सुमंग → टीका | क्रम: शीशफूल (सिर) → सुमंग (माथे मध्य) → टीका (मांग से लटके) |
| चूड़ारत्न, मुकुट, टीडी-भलको | प्राचीन नाम |
| चोप / चूंप (माथे वाला) | ध्यान: यह मस्तक का चोप है, दांत वाला चूंप अलग है |
2️⃣ कान (Highly Repeated ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐)
| आभूषण | नोट |
| मुरकी / मुरकियां | पुरुषों द्वारा भी पहना जाता है — 7 बार |
| सुरलिया | 6 बार दोहराया |
| पीपलपत्रा / पीपलपन्ना | 5 बार दोहराया |
| झेला, जमेला, अंगोट्या/अंगोटिया | एक साथ पूछे जाते हैं (LDC/Junior Instructor PYQ) |
| टोटी / तोती | सोने का छोटा छल्ला; तोती जाट-मेघवाल महिलाओं में |
| ओगनिया, कोकरू, ऐरंगपत्तौ, गुड़दा, ओखरी | सभी कान के आभूषण |
| छेलकड़ी, झाले, लौंग (पुरुष) | पुरुष कान के आभूषण |
| चेलकाड़ी | राजस्थानी पुरुष कान में पहनते हैं |
3️⃣ नाक (Moderate ⭐⭐⭐)
| आभूषण | नोट |
| नथ, चूनी/चुन्नी, वारी, काँटा, चोप(नाक वाला) | मूल नाक आभूषण |
| बुलाक | नाक के पट पर पहना जाने वाला जटिल आभूषण |
| बेसर, भंवरकड़ी | नाक के आभूषण (2023 PYQ) |
| निबोरी, बारी | नाक के आभूषण |
| लौंग (नाक) ⚠ vs लूंग (कान) | स्पेलिंग जैसी लगती पर अलग अंग! |
4️⃣ दांत (Rare but Confusing ⚠⚠⚠)
| आभूषण | नोट |
| चूंप | दांतों के बीच सोने की कील — 7 बार दोहराया |
| राखन / रखन | दांतों पर सोने की परत चढ़ाना (चूंप से अलग!) |
| धन्स | दांत पर पहना जाने वाला आभूषण |
5️⃣ गला / वक्ष / छाती (सबसे बड़ा समूह ⭐⭐⭐⭐⭐⭐)
| आभूषण | नोट |
| तिमणिया / तिमानियां / तिमारिया | 7 बार दोहराया — सबसे ज्यादा PYQ फेवरेट |
| मादलिया / मांदल्या | 6 बार दोहराया — कुछ PYQ में "वक्ष" भी विकल्प |
| तुलसी, हालरो, पोत, ठुस्सी/टुस्सी | टुस्सी = नेकलेस से बड़ा/भारी हार |
| हाँसली / हंसली, हामेल, खूंगाली | सभी गले के भारी हार |
| चंपाकली, हंसहार, कंठमाला, कंठी, चंद्रहार, सरी | गले के अन्य नाम |
| बजट्टी/बजंट्टी, हांकर, झालर, आड़ | गले/छाती के आभूषण |
| निबोरी, थमणिया/थमण्यो, थेड्यो, जुगावली | गले के आभूषण समूह (Junior Instructor 2024 PYQ) |
| नावा, चौकी | गले में बांधी जाने वाली देवी-देवता प्रतिमा |
| पंचलड़ी | गले का आभूषण |
| कांठला | बच्चों के गले का रक्षा-कवच (नार का नख + चांद-सूरज) |
6️⃣ हाथ / कलाई / बाजू (⭐⭐⭐⭐)
| आभूषण | नोट |
| गोखरू | कलाई का आभूषण — 4 बार दोहराया |
| कड़ा, कंकण, बंगड़ी, चाँट, गजरा, चूड़ी | हाथ के सामान्य आभूषण |
| नोगरी | हाथ का आभूषण (ट्रैप: पैर नहीं!) |
| बाजूबंद, टड्डा, अणत, नवरत्न, केयूर, खांच, कातरिया | बाजू के आभूषण |
| नरमुख / नरमुखा / नाका | पुरुषों का कड़ा-जैसा हाथ आभूषण |
| पछेली, पूंची/पोची | कलाई का आभूषण (चूड़ा से पहले पहना जाता है) |
7️⃣ उँगली (⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ सबसे ज्यादा दोहराया कॉन्सेप्ट)
| आभूषण | नोट |
| दामणा | उँगली — 8 बार दोहराया, सबसे बड़ा ट्रैप (पैर/गला/नाक से भ्रमित होता है) |
| बींटी, मुंदड़ी/मूंदरिया/मूंदरी, हथपान, छड़ा, वींछिया, अरसी | उँगली के अन्य आभूषण |
8️⃣ कमर (⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐)
| आभूषण | नोट |
| कंदोरा / कण्डोरा | 7 बार दोहराया — सबसे बड़ा PYQ फेवरेट, करधनी जैसा ही |
| करधनी, तगड़ी/तागड़ी, कणकती, मेखला | कमर के अन्य आभूषण |
| सटका | लहंगे के नेफे में अटकाकर लटकाया जाने वाला आभूषण |
9️⃣ पैर / टखना (⭐⭐⭐⭐⭐⭐)
| आभूषण | नोट |
| नेवरी | 6 बार दोहराया, आंवले के साथ पहना पायल जैसा |
| रामझोल / रिमझोल / रमझोल | 5 बार — कलाई नहीं, पैर! |
| लंगर, पायल, पायजेब, नूपुर, झांझर, घुँघरु | सामान्य पैर आभूषण |
| खड़वे, पिंजणियाँ, फोलरी, आंवला(पैर), तेधड़, हिरनामैन | अन्य पैर आभूषण |
| अणवट | पैर के अंगूठे का चांदी आभूषण |
| अनवट, अनोटा, जरा, पोलरा | पैर आभूषण समूह |
| खडवास, झांझरिया/पैंजणी | पैर/बालक आभूषण |
📊 DIFFERENCE TABLES (आवाज मिलती-जुलती शब्द — सबसे बड़े ट्रैप)
| शब्द 1 | शब्द 2 | अंतर |
| लूंग (कान) | लौंग (नाक) | एक अक्षर का फर्क, अंग अलग! |
| चूंप (दांत में कील) | राखन (दांत पर परत) | चूंप=कील जड़ना, राखन=परत चढ़ाना |
| टोटी/तोती (कान) | टीका (माथा) | ध्वनि समान, अंग अलग |
| दामणा (उँगली) | दामणी (ओढ़नी - मारवाड़) | दामणा=आभूषण, दामणी=वस्त्र |
| पीपलपत्रा (कान) | पीपलपन्ना (कान) | दोनों एक ही अंग — पर्यायवाची |
| निबोरी (नाक) | नेवरी (पैर) | अलग-अलग शब्द, गड़बड़ मत करना |
पगड़ी — अवसर अनुसार
| अवसर | पगड़ी |
| विवाह | मोठड़ा |
| श्रावण / तीज | लहरिया (जयपुर की लहरिया = राजशाही पगड़ी) |
| दशहरा | मदील (सोने-चांदी की जरी/किनारीदार काम) |
| दीपावली | केसरिया |
| होली | फूल-पत्ती छपाई वाली |
पोमचा — रंग अनुसार (पुत्र/पुत्री जन्म)
| अवसर | पोमचा रंग |
| पुत्र जन्म | पीला (बोलचाल में सिर्फ "पीला" कहा जाता है) |
| पुत्री जन्म | गुलाबी |
पोमचा = कमल पुष्प डिज़ाइन वाली ओढ़नी। पोमचा, लहरिया, चुनड़ी — राजस्थान की मुख्य बंधेज/रंगाई शैलियाँ हैं।
ओढ़नी के प्रकार (आदिवासी/सामान्य)
| ओढ़नी | वर्ग / अवसर |
| तारा भांत | आदिवासी महिलाएँ (7 बार दोहराया — सबसे पक्का PYQ) |
| चीड़ का पोमचा | विधवा (हाड़ौती क्षेत्र, काला रंग) |
| पंवरी | दुल्हन की ओढ़नी |
| कंवरजोड़ | मामा द्वारा भांजी के विवाह पर लायी गई ओढ़नी |
| कटकी / पावली भांत | अविवाहित बालिकाओं की ओढ़नी |
| लुंगड़ा/लूगड़ा | विवाहित स्त्रियों की ओढ़नी (शेखावटी, सीकर का पाटौदा गांव प्रसिद्ध) |
| ज्वार भांत, लहर भांत, केरी भांत | बिंदी/बूटी पैटर्न वाली ओढ़नियाँ |
| दामणी (मारवाड़) | लाल रंग, धागों की कसीदाकारी |
| लहरिया भांत | तीज पर पहनी जाती है (साहित्य में "प्रतापशाही" शैली का उल्लेख) |
🧠 MEMORY TRICKS & MNEMONICS
🧠 "दा-मणी उँगली में चमके" → दामणा हमेशा उँगली का आभूषण है (8 बार पूछा गया, कभी mix मत करना)
🧠 "कं-द-रो कमरबंद जैसा" → कंदोरा = कमर (करधनी का ही रूप)
🧠 "बो-मे-र-टि सिर पे" → बोरला-मेमंद-रखड़ी-टिकड़ा = सिर के आभूषण
🧠 "मो-ला-म-के-फू" → मोठड़ा(विवाह)-लहरिया(श्रावण)-मदील(दशहरा)-केसरिया(दीपावली)-फूलपत्ती(होली)
🧠 चूंप = कील (Choop → Chubhna जैसी ध्वनि), राखन = परत (Rakhna जैसी ध्वनि, "रखी हुई परत")
🧠 पुत्र=पीला, पुत्री=गुलाबी → "P for Putra, Peela" दोनों P से शुरू
🧠 कान की टोली: सुरलिया-मुरकी-झेला-पीपलपत्रा-ओगनिया-अंगोट्या-टोटी-गुड़दा-कोकरू — सब कान में!
🧠 गले की टोली: तिमणिया-मादलिया-तुलसी-हालरो-चंपाकली-हाँसली-हामेल-टुस्सी — सब गले/वक्ष में!
⭐⭐ PYQ FAVOURITE / HIGHLY REPEATED (Quiz 1–11 Combined Count)
| आभूषण/तथ्य | सही उत्तर | Repeat Count |
| दामणा | उँगली | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 8 |
| कंदोरा | कमर | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 7 |
| बोरला | सिर | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 7 |
| चूंप | दांत | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 7 |
| तिमणिया | गला | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 7 |
| मुरकी | कान | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 7 |
| मादलिया | गला | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 6 |
| सुरलिया | कान | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 6 |
| नेवरी | पैर | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 6 |
| पोमचा | ओढ़नी/शिशु जन्म | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 6 |
| पछेवड़ा | मोटी सूती शॉल | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 6 |
| लहरिया | तीज/श्रावण | ⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 6 |
| मोठड़ा | विवाह पगड़ी | ⭐⭐⭐⭐⭐ 5 |
| मेमंद | सिर | ⭐⭐⭐⭐⭐ 5 |
| पीपलपत्रा | कान | ⭐⭐⭐⭐⭐ 5 |
| तुलसी | गला | ⭐⭐⭐⭐⭐ 5 |
| रामझोल | पैर | ⭐⭐⭐⭐⭐ 5 |
| अंगरखी के नाम (बुगतरी/मिरज़ाई/तनसुख) | पुरुष वस्त्र | ⭐⭐⭐⭐⭐ 5 |
| गोखरू | कलाई | ⭐⭐⭐⭐ 4 |
| ताराभांत | आदिवासी महिलाएँ | ⭐⭐⭐⭐ 4 |
| पगड़ी शैलियाँ (उदयशाही/अमरशाही/खंजरशाही) | पगड़ी के प्रकार | ⭐⭐⭐⭐ 4 |
⚠ FREQUENTLY CONFUSED FACTS (Quick Trap Recap)
आँवला ❌ गला → ✅ हाथ
रमझोल ❌ कमर/कलाई → ✅ पैर
ओगनिया ❌ गला → ✅ कान
मोरखा ❌ महिला → ✅ पुरुष
टोटी ❌ नाक → ✅ कान
नोगरी ❌ पैर → ✅ हाथ
रखड़ी ❌ गला → ✅ सिर
कोकरू ❌ गला → ✅ कान
दामणी ❌ आभूषण → ✅ ओढ़नी (मारवाड़)
कांथा ❌ राजस्थान → ✅ बंगाल की कला
पोमचा ❌ पगड़ी → ✅ ओढ़नी
मांदलिया ❌ मस्तिष्क → ✅ गला/वक्ष
📚 TOPIC-WISE REVISION
पुरुष वेशभूषा
- अंगरखी = बुगतरी = अचकन = बण्डी = तनसुख = दुतई = गाबा = गदर = मिरजाई = डोढी = कानो = डगला
- चोगा/चुग्गा = अंगरखी के ऊपर पहना जाने वाला वस्त्र (सम्पन्न वर्ग)
- जामा = विवाह/युद्ध पर घुटनों तक पहना वस्त्र
- आत्मसुख = सर्दी में अंगरखी पर पहना वस्त्र (सबसे पुराना सिटी पैलेस जयपुर में)
- पटका = जामा के ऊपर कमरबंद, तलवार/कटार लटकाने हेतु
- बिरजस/ब्रीचेस = ब्रिटिश प्रभाव से आया पैरों का तंग वस्त्र
- बगलबंडी/बाराबंडी/दौरा = साइड से बंधने वाला ऊपरी वस्त्र
- दोढ़ी = पुरुषों का वस्त्र (साड़ी से अलग समझें)
- जोधपुरी कोट = राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध राजस्थानी पोशाक (सर प्रताप, 1878)
- खोयतू = भील पुरुषों की कमर की लंगोटी | ढेपाड़ा/ठेपाड़ा = भील पुरुषों की तंग धोती
- सलूका = सहरिया पुरुषों की अंगरखी | पंछा = सहरिया पुरुषों की धोती
- कौपीन = संन्यासियों का विशेष लंगोट
- लप्पा-लप्पी = गोटा वर्क (सोने की रिबन कढ़ाई), वस्त्र नहीं!
पगड़ी
- पगड़ी को पाग, पेंचा, बागा, साफा, घुमालो, अमलो, फालियो, सेलो, शिरोप्राण भी कहते हैं
- मेवाड़ में पगड़ी बांधने वाला = छाबदार / पानेरी
- मेवाड़ की पगड़ी = "पेटा" | जोधपुर का साफा प्रसिद्ध (महाराजा जसवंत सिंह द्वितीय से प्रचलन)
- दातिया = ठोड़ी के ऊपर से पगड़ी में बंधने वाला संकरा कपड़ा (दाढ़ी सेट रखने हेतु)
- तुर्रे, सरपेच, धुगधुगी = पगड़ी में लगने वाले आभूषण
- उतरणी (सादा फीता) vs बालाबंदी (सोने-चांदी का काम वाला फीता)
- रियासती पगड़ियां: जसवंतशाही, चुड़ावतशाही, भीमशाही, उदयशाही, मानशाही, राठौडी, हम्मीरशाही, अमरशाही, स्वरूपशाही, शाहजहांनी, राजशाही, अटपटी, खंजरशाही, शिवशाही, विजयशाही, बखरामा
- विश्व की सबसे बड़ी पगड़ी = बागौर संग्रहालय (उदयपुर)
- खंगा = मध्यकाल की एक पगड़ी शैली
आदिवासी वेशभूषा
- भील वर्ग: लंगोटिया भील (खोयतू + कछावू) vs पोतीद्दा भील (धोती+बंडी+फालु)
- कछावू = लंगोटिया भील महिलाओं का घुटने तक घाघरा (काला-लाल)
- नांदणा/नादड़ा = आदिवासी महिलाओं का प्राचीनतम लहंगा (नीली छींट)
- जामसाई = आदिवासी महिलाओं की साड़ी | सिंदूरी = भील महिलाओं की लाल साड़ी
- रेनसाई = आदिवासी स्त्रियों का काला लहंगा (भूरे-लाल बूटी)
- पोतिया = पगड़ी के स्थान पर आदिवासियों का वस्त्र
साड़ी/ओढ़नी के नाम
- साड़ी: चोल, निचोल, पट, दुकूल, अंसुक, वसन, चीर-पटोरी, चोरसो, चूँदड़ी, धोरीवाला
- कोटा डोरिया साड़ी (GI टैग 1999-2000) | सूंठ की साड़ी = सवाईमाधोपुर
- लूगड़ा = शेखावटी/सीकर के पाटौदा गांव की प्रसिद्ध ओढ़नी
- खेसला = जालौर के लेटा गांव की मोटी सूती चादर
⚡ RAPID REVISION / LAST-MINUTE ONE-LINERS
दामणा → उँगली
कंदोरा → कमर
बोरला → सिर
चूंप → दांत (राखन ≠ चूंप)
तिमणिया, मादलिया, तुलसी, हालरो, चंपाकली, हाँसली, हामेल, टुस्सी → गला
मुरकी, सुरलिया, पीपलपत्रा, टोटी, ओगनिया, कोकरू, अंगोट्या, गुड़दा → कान
नेवरी, रामझोल, लंगर, झांझर, अणवट → पैर
गोखरू, नोगरी, बाजूबंद, टड्डा → हाथ/बाजू
बेसर, भंवरकड़ी, बुलाक, चुन्नी, निबोरी → नाक
मेमंद, रखड़ी, शीशफूल, टिकड़ा → सिर
विवाह पगड़ी → मोठड़ा
श्रावण/तीज पगड़ी → लहरिया
दशहरा पगड़ी → मदील
दीपावली पगड़ी → केसरिया
होली पगड़ी → फूल-पत्ती छपाई
पुत्र जन्म पोमचा → पीला
पुत्री जन्म पोमचा → गुलाबी
कसूमल रंग → लाल
पछेवड़ा → मोटी सूती शॉल
अंगरखी उपनाम → बुगतरी, मिरज़ाई, तनसुख, दुतई, गाबा, डगला
ताराभांत ओढ़नी → आदिवासी महिलाएँ
कांथा कढ़ाई → बंगाल (राजस्थान नहीं)
जोधपुरी कोट → राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध राजस्थानी पोशाक
📊 निष्कर्ष: 300+ प्रश्नों के विश्लेषण से स्पष्ट है कि ~80% प्रश्न केवल 30-40 प्रमुख आभूषणों व उनके शरीर के अंगों के इर्द-गिर्द घूमते हैं। ऊपर दी गई "Repeated Master List" और "Difference Tables" को अच्छी तरह रट लेने से RSMSSB/CET/Patwar/VDO/Forest Guard जैसे पेपरों में इस टॉपिक के अधिकांश प्रश्न आत्मविश्वास से हल होंगे। अगली quiz/notes मिलते ही इसी हैंडबुक में merge किया जाएगा — कुछ भी दोबारा टाइप नहीं करना।